छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में चार नई बॉक्साइट खदान के लिए जनसुनवाई आज से शुरू हो गई है…जनसुनवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया और कहा की वो किसी भी कीमत पर अब अपनी जमीन नहीं देंगे और मैनपाट में नई बॉक्साइट खदान नहीं खोलने देंगे, जनसुनवाई स्थल पर ही सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच गए ओर विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी.. ग्रामीणों ने साफ कहा की हम लोग बॉक्साइट खदान नहीं चाहते हैं उसके बाद भी जानबूझकर खदानों की स्वीकृत दी जा रही है, लगातार खनन होने से मैनपाट का पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है,मैनपाट में जलस्तर कम हो रहा है लेकिन अधिकारी लगातार खदानें खोल रहे हैं
मैनपाट में चार खदानों को मंजूरी
आपको बता दे कीं मैनपाट में चार नई खदान स्वीकृत की गई हैं जिसमें 700 हेक्टेयर से अधिक जमीन माइंस के रूप में तब्दील हो जाएगी..वहीं आसपास के कई दर्जन गांव इसकी वजह से प्रभावित होंगे, स्थानीय लोगों का कहना है की आने वाली पीढ़ी प्रदूषण की वजह से परेशान होगी..खदान खुलने से वातावरण में ज्यादा धूल हो जाएगी जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाएगा..इलाके का पानी लगातार प्रदूषित हो रहा है..हवा सांस लेने लायक बची नहीं है फिर भी लगातार खदानें खोली जा रही हैं…स्थानीय लोगों ने कहा की हमें रोजगार और मुआवजा नहीं चाहिए हमें अपनी जिंदगी प्यारी है..हम अपनी जमीन अब खदान के लिए नहीं देंगे…















