जहां कभी नक्सलियों की आहट होती थी, वहां सीएम साय ने मैराथन करवा दी…

Lorem ipsum dolor sit amet consectetur. Facilisis eu sit commodo sit. Phasellus elit sit sit dolor risus faucibus vel aliquam. Fames mattis.

रायपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर और अबूझमाड़ की पावन धरती के बारे में कौन नहीं जानता. इसकी सुंदरता, इसकी संपन्नता और प्राकृतिक सौंदर्य कुछ इस तरह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बस्तर की तारीफ की है. अमित शाह ने तो बस्तर को भारतीय संस्कृति का गहना तक करार दिया है. लेकिन बस्तर का एक स्याह सच यह भी है कि जब दुनिया विकास की सरपट राह पर दौड़ लगा रही थी तब बस्तर नक्सलियों के दंश का सामना कर रहा था, लगभग तीन दशक तक बस्तर नक्सली हिंसा का सामना करता रहा, लेकिन आखिरकार वामपंथी हिंसा का यह दौर खत्म हुआ आज उसी बस्तर में अबूझमाड़ पीस मैराथन का आयोजन किया जा रहा है. यहां शांति, सद्भाव और विकास का सशक्त संदेश देते हुए आज अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 31 जनवरी की सुबह नारायणपुर के हाईस्कूल परिसर के पासआयोजित हाफ मैराथन सहभागिता की और धावकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सांकेतिक रूप से स्वयं भी दौड़ लगाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विजयी प्रतिभागियों को प्रदान किए जाने वाले मैडल का अनावरण भी किया।

        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज अबूझमाड़ की धरती से पूरे देश और दुनिया को अमन और शांति का मजबूत संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वही अबूझमाड़ है, जहाँ कभी आम नागरिकों और जवानों का पहुँचना भी कठिन था, लेकिन आज सकारात्मक वातावरण के कारण हजारों लोग यहाँ एकत्रित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद से मुक्ति की दिशा में युवा वर्ग का जोश और उत्साह यह संकेत दे रहा है कि जल्द ही यह क्षेत्र खुशियों से आबाद होगा।

            सीएम साय ने कहा कि यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है और बस्तर लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में लगे सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों के अदम्य साहस और पराक्रम को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं के बलिदान और समर्पण से आज बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की मजबूत नींव पड़ी है।

      मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में बस्तर क्षेत्र में 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है तथा नए विकास कार्यों की घोषणा भी की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र पिछले चार दशकों से विकास से वंचित रहा, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और बस्तर में विकास की गंगा निरंतर बहेगी। उन्होंने सम्पूर्ण बस्तर और छत्तीसगढ़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के सरकार के संकल्प को दोहराया।

        उल्लेखनीय है कि यह 21 किलोमीटर लंबी हाफ मैराथन नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश से आए 60 से अधिक विदेशी प्रतिभागियों सहित बस्तर संभाग, प्रदेश एवं अन्य राज्यों के 10 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया। मैराथन से पूर्व हाईस्कूल परिसर में जुंबा वॉर्मअप कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों प्रतिभागियों ने एक साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की। 

आत्मसर्पित माओवादी बने मैराथन का हिस्सा
इस आयोजन की सबसे विशेष और ऐतिहासिक बात यह रही कि आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं ने भी हथियार छोड़कर शांति और मुख्यधारा में लौटने का संदेश देते हुए मैराथन में हिस्सा लिया। नारायणपुर की अबूझमाड़िया जनजाति सहित स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और अधिक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी बनाया।

         कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्री केदार कश्यप, जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, वैद्यराज पद्मश्री श्री हेमचंद मांझी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री पी. सुंदरराज, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक श्री राबिनसन गुरिया, जिला सीईओ श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
Tags :

Jaya Lakshmi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Search

Popular Posts

Recent Posts

© 2026 – News Likes. All Right Reserved.